12 साल का मोइन अपने अब्बू के साथ बडी जिद करने के बाद राजपथ 26 जनवरी की झांकी देखने पहुंचा. उसको पूरा कार्यक्रम मजेदार लगा. सबसे आकर्षक लगी विभिन्न राज्यों और मंत्रालयों की झांकियां.
”अब्बू ये क्या है?” हिमाचल प्रदेश की झांकी देखकर उसने पूछा.
”बेटा ये हिमाचल प्रदेश की झांकी है” अब्बू बोला
”झांकी क्या होती है?”
”झांकी….. यानी किसी जगह की झलक…. यानी इससे हम अंदाजा लगा सकते हैं कि वह राज्य कैसा होगा? झांकी उसकी तस्वीर पेश करती है.” अब्बू ने पूरी कोशिश कर ‘झांकी’ को परिभाषित किया.
कुछ देर बाद दिल्ली की झांकी आई. अब्बू ने मोइन को बताया कि यह दिल्ली की झांकी है.
”लेकिन यह तो अधूरी है…” मोइन ने परेशान होते हुए कहा, ”इसमें हमारी झुग्गी की तस्वीर नहीं है”


bahut acchi hai!!!
bal maan par kitana prbhav padta hai in sab baato ka, ye sochne ka visaye hai.
bahut hi sateek manobhavo ko kalam ke jariye aaone safalta purvak ukera hai . thanx very much,,,,,,,,,,,,,aise hi pure BHARAT mw se hum DALITO ki jhalak gayab hai,,,,,,,,,,,,,,
ek sanzida tippani, ek maasoom paatr ki zubaan se